दशोली ब्लॉक में बरसात के दौरान बंद पड़े कुहेड़-धारकोट-मथरपाल मोटर मार्ग को अभी तक खोला नहीं जा सका है। ऐसे लोग कई किमी पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंच रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी बीमार व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं को हो रही है। लोग पीठ पर लादकर या चारपाई और कुर्सी के सहारे बीमारों को अस्पताल पहुंचा रहे हैं।
दर्जनभर गांवों को जोड़ने वाली कुहेड़-धारकोट-मथरपाल मार्ग बरसात के दौरान बादल फटने से कई जगहों पर बंद हो गया था, जिसे अभी तक खोला नहीं गया। लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए नंदप्रयाग आना पड़ता है, जिसके लिए 10 किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है। धारकोट के पूर्व प्रधान नरेंद्र तोपाल, मनवर सिंह, देव सिंह, यशवंत सिंह, विनोद तिवारी, मुकेश सेमवाल, दीपेंद्र बिष्ट, संजय और गोविंद आदि का कहना है कि इस मार्ग से पलेठी, ठेलीमेड़, धारकोट, सेमार, मथरपाल, भतंग्याला, भौंरा, भौंती आदि गांवों की सैकड़ों की आबादी सीधे तौर पर जुड़ती है लेकिन मार्ग बंद होने से सामान पीठ पर ढोकर लाना पड़ रहा है। कई बार लोनिवि से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
कोट
बरसात में बादल फटने से सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिस जगह बादल फटा था वहां पुलिया को भी नुकसान हुआ था। उसके लिए 35 लाख का स्टीमेट भेजा गया है। बजट मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। - डीएस रावत, अधिशासी अभियंता लोनिवि गोपेश्वर।