पारंपरिक पाथाबार नंदा देवी यात्रा इस साल भी सूक्ष्म रूप से रीति रिवाजों व धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न हो गई। हर साल 12 अगस्त से शुरू होने वाली यात्रा इस साल भी प्रात: गैरसैंण भगवती मंदिर से शुरू होकर 8 हजार फीट की ऊंचाई पर नंदाठोंक पर्वत चोटी पर पहुंची। सैकड़ों भक्तों ने यहां पर चावल, ककड़ी, दूध, मक्खन, धूप-दीप, पुष्प आदि भेंट चढ़ाया। पुजारी जनार्जन गैड़ी, भागवत गैड़ी ने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख शांति की कामना करते हुए भक्तों को प्रसाद में खीर वितरित की। पूजा-अर्चना के बाद यात्र का समापन हो गया। इस दौरान सुरेश बिष्ट, विनोद गौड़, जीएस पंवार, हेमा मठपाल, हीरा फनियाल, सुरेंद्र बिष्ट, लक्ष्मण और अरविंद मौजूद थे।