- 300 परिवार नहीं कर पा रहे सिंचाई
- जिलाधिकारी से भेंट कर जनप्रतिनिधियों ने शीघ्र नहर की मरम्मत की मांग उठाई
गोपेश्वर। दशोली विकास खंड के सैकोट सहित समीपवर्ती गांवों के खेतों की सिंचाई के लिए निर्मित सिंचाई नहर पिछले एक वर्ष से क्षतिग्रस्त पड़ी है। लोग अपने खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। नहर का मुख्य स्रोत क्षतिग्रस्त होने के कारण नहर सूखी पड़ी है। नहर के सुधारीकरण को लेकर काश्तकारों ने जिलाधिकारी से भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि यदि जल्द नहर की मरम्मत नहीं हुई तो धान की रोपाई करना भी मुश्किल हो जाएगा। सैकोट गांव धान और गेहूं की बेहतर उपज के लिए जाना जाता है। गांव के 300 से अधिक परिवारों के खेत गांव क इर्दगिर्द स्थित हैं। विगत वर्ष अगस्त माह में अतिवृष्टि के दौरान सैकोट सिंचाई नहर के मुहाने पर मलबा आने से नहर कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत सिंचाई विभाग के अधिकारियों से की मगर इस ओर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। ग्राम प्रधान मंजू रावत, जिला पंचायत सदस्य विपिन फरस्वाण, विक्रम सिंह, नंदन सिंह, विरेंद्र सिंह और गौरव रावत ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि इस नहर से सैकोट, घुड़साल, देवर कंडेरी और सोनला गांव के खेतों की सिंचाई के लिए पानी की सप्लाई होती है। सैकोट के टेंटुणा तोक के डुंगी गदेरे में नहर क्षतिग्रस्त पड़ी है। कहा गया कि अभी तक नहर की मरम्मत नहीं हो पाई है, जिससे काश्तकार परेशान हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने इस संबंध में सिंचाई विभाग के ईई से वार्ता कर शीघ्र नहर की मरम्मत करने के निर्देश दिए।
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13 साल से क्षतिग्रस्त पड़ी मंगरोली सिंचाई नहर
गोपेश्वर। नगर पंचायत नंदप्रयाग के समीप मंगरोली गांव की सिंचाई नहर पिछले 13 साल से क्षतिग्रस्त पड़ी हुई है। ग्रामीण अपने खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। वर्ष 2013 में नंदाकिनी नदी में बाढ़ आने से मंगरोली सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से ग्रामीण अपने खेतों की सिंचाई के लिए बारिश पर ही निर्भर रहते हैं। मंगरोली गांव में 90 से अधिक परिवार निवास करते हैं। पूर्व ग्राम प्रधान तेजवीर कंडेरी, महिला मंगल दल अध्यक्ष सुशीला देवी, शकुंतला, सुनील कंडेरी, आनंद सिंह झिंक्वाण, दीपक भंडारी, आनंद कंडेरी, अनिल और भरत सिंह का कहना है कि गांव की सिंचाई नहर लघु सिंचाई विभाग के संरक्षण में है। कई बार विभागीय अधिकारियों को कहने के बावजूद नहर का सुधारीकरण कार्य नहीं किया जा रहा है। उन्होंने शीघ्र नहर की मरम्मत करने की मांग उठाई है। संवाद