जिले के दूरस्थ गांवों में आज तक सड़क न पहुंचे का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। सोमवार को जंगल में चारापत्ती लेने गई एक महिला पांव फिसलने से करीब बीस मीटर नीचे खाई में जा गिरी। ग्रामीण घायल महिला को कुर्सी के सहारे कंधे पर लादकर दस किमी पैदल चलकर सड़क तक लाए इसके बाद वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया।
गणाई गांव की गायत्री देवी (45) पत्नी धन सिंह राणा रविवार को शाम पांच बजे गांव के समीप जंगल में चारापत्ती लेने के लिए गई थीं कि जंगल में अचानक पांव फिसलने से वह खाई में जा गिरीं। महिला के पांव, सिर और हाथ पर गंभीर चोटें आई हैं। अन्य महिलाओं ने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। ग्रामीणों ने देर रात तक घायल महिला को गांव में पहुंचाया। सोमवार को सुबह आठ बजे उसे कंधे पर कुर्सी के सहारे करीब दस किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाया। उसके बाद वाहन से महिला को सीएचसी जोशीमठ पहुंचाया। उसकी स्थिति गंभीर है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क सुविधा न होने के कारण गंभीर मरीजों को डंडी के सहारे अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। गांव के समीप कोई स्वास्थ्य केंद्र भी नहीं है। ग्राम प्रधान मुकेश सेमवाल, प्रदीप भंडारी और रोहित सिंह का कहना है कि गड़ाई गांव के लिए एक दशक पूर्व सड़क स्वीकृत हुई थी, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।