मां नंदा राजराजेश्वरी देवी छह माह अपने ननिहाल देवराड़ा में निवास के बाद बुधवार को अपने सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर में पहुंच गई है। यहां देवी भक्तों ने गांव में पहुंचने पर मां नंदा की डोली का फूल मालाओं के साथ स्वागत किया।
कुरुड़ में पूरे दिन अनुष्ठान होते रहे, जिसके बाद शाम को मां नंदा की मूर्ति को गर्भगृह में स्थापित किया गया। अब आगामी भादो (अगस्त-सितंबर) माह में प्रतिवर्ष होने वाली लोकजात के आयोजन तक मां नंदा की कुरुड़ में पूजा की जाएगी।
बुधवार को ननिहाल से लौटती मां नंदा की डोली जब क्षेत्र में पहुंची तो पूरा क्षेत्र नंदा के जयकारों से गूंज उठा। मां नंदा की डोली सैकड़ों भक्तों के साथ दोपहर दो बजे कुरुड़ मंदिर पहुंची।
जहां देवी का ढोल दमाऊं और मांगल गीतों के साथ ग्रामीणों ने स्वागत किया। यहां देवी की विशेष पूजा की गई। इस दौरान मंदिर पहुंचे देवी भक्तों ने मां से अपने परिवार और क्षेत्र की कुशलता और समृद्धि की मनौतियां मांगीं।
इस मौके पर मंशाराम गौड़, विजय प्रसाद, प्रकाश गौड़, कन्हैया प्रसाद गौड़, मनोहर प्रसाद, राजेश गौड़ और धनीराम गौड़ आदि मौजूद थे।