- जिले के जनगणना संबंधी अधिकारियों व कर्मियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
जनगणना निदेशालय के उपनिदेशक ने कहा, पहली बार शत प्रतिशत डिजिटल होगा जनगणना कार्य
गोपेश्वर। जनगणना 2027 की तैयारियों के क्रम में बृहस्पतिवार को जिला सभागार में संबंधित अधिकारियों व कार्मिकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हो गया है। कार्यशाला में जनगणना निदेशालय देहरादून के उपनिदेशक राजू कुमार बनवारी ने बताया कि यह पहली बार होगा जब पूरी जनगणना प्रक्रिया डिजिटल होगी। जनगणना पूरी तरह से मोबाइल एप्लीकेशन आधारित होंगे। प्रशिक्षण के दौरान जिलाधिकारी गौरव कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को निर्देश दिए कि सारे कार्य जिम्मेदारी के साथ करें। यह बहुत महत्वपूर्ण कार्य है, जो भी डाटा तैयार किया जाना है उसको भली भांति जांच लें। जनगणना निदेशालय के उपनिदेशक ने कहा कि प्रगणक व पर्यवेक्षक अपने स्वयं के मोबाइल फोन के माध्यम से आंकड़ों का संकलन करेंगे। शुरू से अंत तक के पूरे संचालन पर्यवेक्षण और प्रबंधन के लिए जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। इस अवसर पर एडीएम विवेक प्रकाश, प्रशिक्षक व प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।
जनगणना का प्रथम चरण
- प्रथम चरण में मकान सूचीकरण व मकानों की गणना राज्य में प्रथम चरण का कार्य 25 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक किया जाना है। पर्यवेक्षक घर-घर जाकर पर्यवेक्षण का कार्य करेंगे। इसी अवधि में 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक स्वगणना प्रस्तावित है, इसमें परिवार को पहली बार एक वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं की जानकारी दर्ज करने का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। प्रगणक इस विवरण का सत्यापन कर आंकड़ों का संकलन करेंगे।
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द्वितीय चरण, जनसंख्या गणना
- उपनिदेशक ने बताया कि द्वितीय चरण नौ फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित होगा। इसमें जनसंख्या गणना होगी। उत्तराखंड राज्य के हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान के तहत जनसंख्या गणना का कार्य 22 सितंबर 2026 से 30 सितंबर 2026 तक किया जाएगा।