- शादी, मुंडन, पूजा पाठ और अन्य कार्यक्रमों में महिलाओं की कीर्तन मंडलियां
- कीर्तन मंडलियों से जुड़ी हैं 50 से अधिक महिलाएं
कर्णप्रयाग। नगर में शादी-समारोह, मुंडन, पूजा-पाठ और अन्य सामाजिक आयोजनों में अब डीजे की तेज धुनों की जगह कीर्तन मंडलियों के भजन लोगों को अधिक आकर्षित कर रहे हैं। पहले जहां अधिकांश कार्यक्रम डीजे पर आधारित होते थे, वहीं अब महिलाएं कीर्तन मंडलियों के माध्यम से अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बना रही हैं। नगर में इस समय आठ से अधिक कीर्तन मंडलियां सक्रिय हैं, जिनसे 50 से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। विभिन्न आयोजनों में अब आयोजक विशेष रूप से इन मंडलियों को आमंत्रित कर रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से नव दुर्गा कीर्तन मंडल शक्तिनगर, चंडिका कीर्तन मंडली, उमा माहेश्वरी कीर्तन मंडली (आईटीआई) और उमा देवी कीर्तन मंडली शामिल हैं। कीर्तन मंडलियों से जुड़ी बीना देवी और रीना देवी ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और साथ ही पहाड़ी संस्कृति का प्रचार-प्रसार भी होता है। हाल ही में आयोजित होली मिलन समारोह में भी इन कीर्तन मंडलियों ने लोगों के साथ मिलकर भजन प्रस्तुत किए, जिसकी उपस्थित लोगों ने खूब सराहना की।
वर्जन के लिए..
कीर्तन मंडलियों और ममंद को लगातार आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। पालिका के सभी कार्यों में मंडलियां और ममंद शामिल होते हैं। महिलाओं के लिए कीर्तन सामग्री की व्यवस्था भी की जा रही है। आगामी बैसाखी मेले में भी कीर्तन मंडलियों और ममंद को पूरा मौका दिया जाएगा।
.....गणेश शाह, पालिकाध्यक्ष नगर पालिका कर्णप्रयाग