जोशीमठ के फ्यूंलानारायण मंदिर के दर्शनों को पहुंचे भक्तगण।
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नौ हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित फ्यूंलानारायण मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए। इस दौरान मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई।
भगवान फ्यूंलानाराण मंदिर के कपाट हर साल श्रावण संक्रांति पर खुलते हैं, जबकि नंदा अष्टमी के दूसरे दिन नवमी पर कपाट बंद होते हैं। बुधवार सुबह मंदिर के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हुई। भेटा भरकी के ग्रामीणों ने भगवान का अभिषेक किया। महिला पुजारी गोदावरी देनी ने भगवान का फूल मालाओं से शृंगार किया। भगवान को बाल भोग लगाने और हवन के बाद दोपहर दो बजे मंदिर के कपाट बंद किए गए। इस दौरान लक्ष्मण सिंह नेगी, उजागर सिंह, रणजीत सिंह, नारायण सिंह सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।