बृहस्पतिवार को वाण गांव में लाटू देवता मंदिर के कपाट सादगी से पूजा-अर्चना के साथ दोपहर 2.58 बजे खोल दिए गए। इस दौरान शारीरिक दूरी का पालन करते हुए मंदिर के पुजारी सहित सात लोग शामिल रहे। पुजारी ने लाटू देवता की प्रथम पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की और देवता से कोरोना वायरस समाप्त कर देश में सुख समृद्धि की कामना की। पुजारी ने मास्क पहनकर मंदिर में पूजा की।
लाटू देवता के पुजारी खीम सिंह ने शारीरिक दूरी रखते हुए और आंख पर पट्टी बांधकर मंदिर के कपाट खोले। मंदिर परिसर में पहुंचे सभी श्रद्धालुओं ने मास्क पहनकर पूजा की और लोगों ने अपने घरों से ही भगवान लाटू की आराधना कर मनौती मांगी। पूजा के बाद श्रद्धालुओं को घरों में प्रसाद पहुंचाया गया। मंदिर समिति के अध्यक्ष कृष्णा बिष्ट ने कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचने के लिए प्रथम पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की। इस मौके पर प्रधान पुष्पा देवी, जिपं सदस्य कृष्णा बिष्ट, क्षेपंस रामेश्वरी देवी, हीरा पहाड़ी, रघुवीर सिंह, अवतार सिंह व मंदिर के पुजारी खीम सिंह शामिल रहे।
पुजारी के अलावा कोई भी मंदिर में नहीं करता प्रवेश
देवाल। लाटू देवता के मंदिर के अंदर क्या है, यह आज भी रहस्य बना है। लाटू देवता यहां के ईष्ट देवता हैं और लाटू को मां नंदा का धर्म भाई माना जाता है। मंदिर के अंदर पुजारी आंख पर पट्टी बांधकर प्रवेश करते हैं। इसके अलावा कोई भी श्रद्धालु मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं करता है। कपाट खुलने पर मंदिर में गढ़वाल व कुमाऊं से सैकड़ों लोग पूजा करने पहुंचते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण इस बार बाहर से कोई भी श्रद्धालु नहीं आ सका।