चमोली जिले के उर्गम घाटी में स्थित भगवान फ्यूंलानारायण मंदिर के कपाट शुक्रवार को विधि विधान के साथ खोल दिए गए। कपाट खुलने पर भक्तों ने भगवान को दूध, दही, मक्खन और सत्तू का भोग लगाया। उसके बाद मंदिर के यज्ञ कुंड में अग्नि प्रज्जवलित की गई, यह अग्नि मंदिर के कपाट बंद होने तक यानी अगले डेढ़ महीने तक धुनी बनकर जलती रहेगी। मंदिर के कपाट खुलने के बाद पुजारी हरीश सिंह चौहान ने भगवान का अभिषेक किया, जबकि उर्गम घाटी की गोदांबरी देवी ने भगवान फ्यूंलानारायण का फूलों से शृंगार किया।
मध्य हिमालय में 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बुग्यालों के बीच फ्यूंलानारायण भगवान विराजमान हैं। मंदिर के कपाट शुक्रवार को श्रावण संक्रांति पर सुबह 11 बजे खोल दिए गए। इस दौरान घाटी के दर्जनों गांव के हक हकूकधारी पहुंचे थे। भक्तों ने मंदिर को फूलों से भव्य रूप से सजाया। मंदिर के कपाट खुलने को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह बना रहा। स्थानीय निवासी लक्ष्मण सिंह नेगी और उजागर सिंह फरस्वाण ने बताया कि यहां पर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और वन देवी की पूजा होती है। शनिवार को पुजारी की ओर से वरुण देवता की पूजा की जाएगी।