फ्यूंलानारायण मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जातीं महिला पुजारी पार्वती देवी।
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उर्गम घाटी में स्थित भगवान फ्यूंलानारायण मंदिर के कपाट शनिवार को पूजा अर्चना के बाद खोल दिए गए। इस दौरान भगवान फ्यूंलानारायण का फूलों से शृंगार किया गया और उन्हें दूध, दही व मक्खन का भोग लगाया गया।
भगवान फ्यूंलानारायण मंदिर 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बुग्यालों में स्थित है। मंदिर के कपाट हर साल श्रावण संक्रांति पर भक्तों के लिए खोले जाते हैं। शनिवार को अपराह्न 11 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। कपाट खुलने के दौरान मंदिर को फ्यूंलानारायण फ्रेंड ग्रुप ने फूलों से सजाया। क्षेत्र के भरकी, भेंटा, ग्वाणा, ओरोसी और पिल्खी गांव के ग्रामीण भोग सामग्री लेकर मंदिर पहुंचे। इस साल पंचायत की ओर से नियुक्त महिला पुजारी पार्वती देवी ने भगवान का फूलों से शृंगार किया और पुरुष पुजारी योगंबर सिंह चौहान ने भगवान का अभिषेक कर पूजा अर्चना की। इसके बाद भगवान को भोग लगाया गया। दोनों पुजारी नंदा अष्टमी (सितंबर माह) पर कपाट बंद होने तक मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे।
इस दौरान लक्ष्मण सिंह नेगी, उजागर सिंह फरस्वाण, हर्षवर्धन नेगी, फ्रेंड्स ग्रुप के सदस्य युवराज सिंह, पान सिंह, मुकेश कंडवाल, चंद्र मोहन, बलवंत, आरती देवी, गोविंदी देवी, प्रीति देवी और नारायणी देवी सहित बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद रहे।