वांण गांव के लाटू मंदिर के कपाट बृहस्पतिवार को पूजा-अर्चना के बाद छह माह के लिए बंद हो गए। कड़ाके ठंड में कपाट बंद होने के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। लाटू देवता ने श्रद्धालुओं को धनधान्य और राजी-खुशी रहने का आशीष दिया। अब मंदिर के कपाट बैशाख की पूर्णिमा के दिन अप्रैल महीने में खुलेंगे।
बृहस्पतिवार को वांण गांव के लाटू मंदिर में आचार्यों ने विधि-विधान से भगवान की पूजा की। उसके बाद मंदिर के मुख्य पुजारी खीम सिंह ने दोपहर में करीब दो बजे आंखों पर पट्टी बांधकर मंदिर के अंदर प्रवेश कर दीया जलाया और इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए। इस मंदिर के अंदर पुजारी के अलावा कोई भी प्रवेश नहीं करता है। ऐसे में मंदिर में पहुंचे देवभक्तों ने मंदिर से लगभग 25 मीटर की दूरी से ही पूजा-अर्चना की। इस मौके पर जिपं सदस्य कृष्णा बिष्ट, आशा धपोला, हीरा पहाड़ी, दर्शन धपोला, त्रिलोक बिष्ट, इंद्र बिहारी, हीरा बुग्याली, पान सिंह अवतार सिंह, पुष्पा देवी, ममंद अध्यक्ष धामती देवी, हीरा गढ़वाली, खजान सिंह, त्रिलोक बिष्ट आदि भक्त मौजूद रहे।