भगवान गणेश और विश्वकर्मा की पूजा के बाद खोले गए कपाट
जय माणा घन्याल... के जयकारों से गुंजायमान हुआ माणा क्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बदरीनाथ। देश के प्रथम गांव माणा में स्थित बदरीनाथ के रक्षक भगवान घंटाकर्ण मंदिर के कपाट रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे विधि-विधान से खोल दिए गए। इसी के साथ माणा गांव में तीन दिवसीय जैठ पुजाई कार्यक्रम भी शुरू हो गया है। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तों ने मंदिर में पहुंचकर मनौतियां मांगीं और धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिभाग किया। माणा गांव की महिलाओं ने मांगल गीतों के साथ ही भजन-कीर्तन की प्रस्तुति दी।
रविवार को घंटाकर्ण मंदिर के कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह नौ बजे से शुरू हो गई थी। सबसे पहले मंदिर परिसर में भगवान गणेश और विश्वकर्मा की पूजा की गई। पूर्वाह्न 11 बजे भूमियाल घंटाकर्ण के अवतारी पुरुष के साथ आचार्य ब्राह्मणों ने मंदिर के कपाट खोले। इसके बाद घंटाकर्ण भगवान की चांदी की मूर्ति को पूजा-अर्चना के बाद मंदिर में स्थापित कर दिया गया। मंदिर के कपाट खुलते ही जय माणा घन्याल के जयकारों से माणा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। महिलाओं ने झुमैलो और चांचड़ी नृत्य कर भगवान के जयकारे लगाए। मंदिर को फूल मालाओं से सजाया गया है। मंदिर में पहुंचे भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर के कपाट खुलने के बाद माणा गांव में तीन दिवसीय जेठ पुजाई कार्यक्रम भी शुरू हो गया है। पूजा समिति के अध्यक्ष जगदीश रावत और गांव के निवर्तमान ग्राम प्रधान पीतांबर मोल्फा ने बताया कि तीन दिनों तक गांव में संस्कृति और खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इस मौके पर गुमान सिंह बड़वाल, रघुवीर सिंह परमार सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।