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Chamoli News: कुरुड़ मंदिर में वसंत पंचमी को घोषित होगा नंदा की बड़ी जात का दिनपट्टा

Mon, 12 Jan 2026 04:44 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
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मंदिर में 14 सयाने, जनप्रतिनिधि, भक्तगण और आचार्य गौड़ ब्राह्मण होंगे शामिल
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कहा- सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर से ही शुरू हो नंदा की बड़ी जात

संवाद न्यूज एजेंसी



गोपेश्वर/नंदानगर। 12 साल बाद चमाेली जिले में होने वाली नंदा की बड़ी जात के आयोजन की औपचारिक तिथि 23 जनवरी को वसंत पंचमी के दिन घोषित की जाएगी। मां नंदा के सिद्धपीठ कुरुड़ में नंदा की बड़ी जात के दिनपट्टा (यात्रा का संकल्प) की तिथि घोषित होगी। इस दौरान नंदा मंदिर में विशेष पूजाएं भी होंगी। इस दौरान समिति ने शासन-प्रशासन पर नंदाजात की ऐतिहासिक परंपराओं पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया। कहा कि नंदा की बड़ी जात का पहला पड़ाव नौटी नहीं बल्कि कुरुड़ है। कुरुड़ से ही नंदा की जात शुरू होगी।

कुरुड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखवीर रौतेला ने कहा कि 23 जनवरी को वसंत पंचमी के दिन मां नंदा की बड़ी जात के आयोजन के लिए दिनपट्टा घोषित किया जाएगा। इस दौरान मंदिर में 14 सयाने, जनप्रतिनिधि, भक्तगण और आचार्य गौड़ ब्राह्मण मौजूद रहेंगे। समिति से जुड़े कर्नल हरेंद्र सिंह रावत (सेनि) ने कहा कि शासन-प्रशासन की सूची में नंदाजात के ऐतिहासिक पड़ावों का जिक्र नहीं है जिससे लोगों में आक्रोश है। मां नंदा की बड़ी जात का शुभारंभ नौटी से नहीं बल्कि कुरुड़ से होगा। कुछ लोगों की ओर से वर्षों से गलत परंपरा का निर्वहन कर नंदाजात का आयोजन नौटी से किया जा रहा है जो कि गलत है।
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इंसेट-

नंदा राजजात शब्द पर एतराज



- मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने नंदाराजजात शब्द पर एतराज जताया। समिति के अध्यक्ष सुखवीर रौतेला और नंदा देवी के पुजारी धनीराम गौड़ ने बताया कि प्रत्येक वर्ष मां नंदा की लोकजात और प्रत्येक 12 साल में बड़ी जात होती है। वर्ष 1987 के बाद कुछ लोगों ने इसे राजजात का नाम दे दिया जिसे आज भी राजजात के नाम से जाना जाता है जबकि यह गलत है। परंपरा के अनुसार आज भी विधि-विधान से नंदा की लोक और बड़ी जात होती आ रही है। यह लगभग 280 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा है।
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