महाभिषेक समारोह पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास मेले के दूसरे दिन महिला मंगल दलों ने धार्मिक लोक नृत्यों व गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। दूसरे दिन कार्यक्रम का उद्घाटन भुवनेश्वरी महिला आश्रम के परियोजना प्रबंधक गिरीश डिमरी ने किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में कार्य करने की जरूरत है।
मंदिर परिसर में आयोजित महिला मंगल दलों के कार्यक्रम में सिराणां गांव की महिलाओं ने झुमैलो नृत्य की प्रस्तुति दी। मैतोली ममंद ने चला दिदा भुलो नोठा मंदिर... पर चांचरी नृत्य, जुलगढ़ ममंद ने आई पंचमी माऊ की डालि लगाई जौऊ की... गीत, नगली ममंद की महिलाओं ने गिरि गैंदुवा... गीत पर नृत्य की प्रस्तुति दी। खेती, ढमकर, सुगड़, मालसी की ममंद ने झुमेलो व चौंफुला नृत्य किया। छिमटा की महिलाओं, ममंद मालसी, खेती तथा मैतोली के लोकगीतों को भी दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम का संचालन शकुंतला बरमोला ने किया। वहीं, श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन कथा वाचक आचार्य सुनील खंडूड़ी ने परीक्षित जन्म व सुखदेव आगमन की कथा सुनाई। इस मौके पर प्रकाश थपलियाल, समीर मिश्रा, मलक नेगी, धीरेंद्र भंडारी और पुनीत डिमरी आदि मौजूद थे।
चांछड़ी प्रतियोगिता में ममंद कुलागाड़ प्रथम
गैरसैंण (संवाद)। पंचाली गांव के मेले में दूसरे दिन पारंपरिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। राइंका पंचाली के जूनियर व सीनियर वर्ग और गैरसैंण महाविद्यालय की छात्राओं ने लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। वयोवृद्ध हास्य कलाकार गमालीराम ने हास्य चुटकुलों से दर्शकों को लोटपोट कर दिया। प्रीति, मंदाकिनी, अंजू, अर्चना आदि ने ऐ शासू तेरा नौंना ह्वेगे झूठो..., बाजी रे मुरली हुड़की घमाघम... लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि पूर्व राज्य मंत्री सुरेश बिष्ट ने मेला आयोजकों की सराहना की। इस दौरान हुई चांछड़ी प्रतियोगिता में ममंद कुलागाड़ प्रथम और ममंद गडोरासैंण द्वितीय रहा। इस मौके पर वीरेंद्र आर्य, जगमोहन, प्रेम संगेला, हीरा पगैड़ी, बीरेंद्र टम्टा, दिनेश गौड़, अवतार रावत, संजय कुमार, सोबन शाह, प्रधान पुष्पा देवी और पदम सिंह आदि मौजूद थे।