सोमवार को चौंडी गांव से कुर्सी के सहारे अस्वस्थ्य नंदन सिंह को सड़क तक लाते ग्रामीण।
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एक माह से सड़क बंद होने के कारण परिजन बीमार बुजुर्ग को डंडी के सहारे कंधों पर ढोकर सड़क तक लाए और एम्स ऋषिकेश ले गए। लेकिन समय पर उचित इलाज न मिलने के कारण बुजुर्ग की जंग हार गए। मंगलवार को उन्होंने एम्स में अंतिम सांस ली।
भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन के चलते पोखरी विकासखंड में रडामांता-रौता और पोखरी-हरिशंकर मोटर मार्ग पिछले एक माह से बंद है। चौंडी गांव के 80 वर्षीय नंदन सिंह को ब्लड प्रेशर की समस्या पिछले चार माह से हो रही थी। उनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरी से चल रहा था। 7 अगस्त की रात नंदन सिंह की तबियत ज्यादा खराब हो गई, लेकिन सड़कें अवरुद्ध होने के कारण उन्हें अस्पताल तक नहीं पहुंचाया जा सका।
सोमवार सुबह परिजन उन्हें 10 किलोमीटर तक कंधे पर डंडी के सहारे सड़क तक लाए। इसके बाद उन्हें एम्स ऋषिकेश ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया। नंदन सिंह के पुत्र देवेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले छह माह से उन्हें ब्लड प्रेशर की समस्या थी। उन्हें सीएचसी पोखरी में भी दिखाया गया। रडामांता-रौता और पोखरी-हरिशंकर सड़क उनके गांव से होकर गुजरती हैं लेकिन दोनों सड़कें पिछले एक माह से बंद पड़ी हैं। यदि सड़कें ठीक होती तो वे पिता को सीएचसी पोखरी में भर्ती करा देते।