बिरही नदी पर निर्मित वर्षों पुरानी पैदल पुलिया कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकती है। नदी का जलस्तर बढ़ने से पुलिया तिरछी हो गई है। बिरही गांव के ग्रामीण इसी क्षतिग्रस्त पुल से आवाजाही करने को मजबूर हैं। पुलिया के नदी में समाने की आशंका के चलते ग्रामीण करीब दो किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर अपने गांव पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने बिरही नदी पर झूला पुल निर्माण की मांग की है।
वर्ष 2009 में बिरही गंगा जल विद्युत परियोजना कंपनी ने बिरही गांव के ग्रामीणों की मांग पर निजमुला सड़क से करीब तीन सौ मीटर दूर नदी पर आरसीसी पुलिया बुनाई थी, लेकिन वर्ष 2013 की आपदा के दौरान पुलिया के आधार क्षतिग्रस्त हो गए थे।
भाजपा के जिला मोर्चा प्रभारी तारा दत्त थपलियाल, प्रधान हरीश पुरोहित, लक्ष्मण सिंह, गौर सिंह, पुष्कर सिंह का कहना है कि कई बार जिला प्रशासन को बिरही नदी पर झूला पुल निर्माण की मांग उठाई गई है, लेकिन अभी भी स्थिति जस की तस है।
आरसीसी पुलिया के तिरछा होने से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। बिरही में स्थित वीर भद्रेश्वर मंदिर में आने वाले शिव भक्त भी इसी पुलिया से आवाजाही करते हैं।