नेपाल के रास्ते कुछ संदिग्ध लोगों के जोशीमठ में घुसने की आशंका से चौकसी बरती जा रही है। सुरक्षा कारणों से ही औली मार्ग पर आम आवाजाही बंद की गई है। शुक्रवार को यहां उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई त्रिपक्षीय बैठक में सेना के प्रतिनिधि की ओर से यह जानकारी दी गई।
यह बैठक सेना की ओर से औली रोड पर आम वाहनों की आवाजाही बंद करने पर उपजे विवाद को लेकर बुलाई गई थी, जो बेनतीजा रही। सेना की बात से ग्रामीण सहमत नहीं थे। एसडीएम ने कहा कि शीघ्र सेना के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर मार्ग खुलवाने के लिए कहा जाएगा।
सेना की ओर से दो माह से औली मार्ग पर आम वाहनों को रोककर सघन चेकिंग की जा रही थी। 28 दिसंबर को सेना ने मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद कर दी थी। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस पर नाराजगी जताते हुए आवाजाही सुचारु करने की मांग उठाई।
मामले के तूल पकड़ने पर एसडीएम ने बृहस्पतिवार को सेना के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी। बैठक में उपस्थित सेना के अधिकारी के प्रतिनिधि ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए औली मार्ग पर आम वाहनों की आवाजाही रोके जाने की बात कही, लेकिन स्थानीय लोग इससे सहमत नहीं थे।
उनका कहना था कि जोशीमठ के मुख्य मार्गों पर कोई चेकिंग नहीं की जा रही है, जबकि औली रोड का अन्य क्षेत्रों से कोई संबंध नहीं है। कहा गया कि सुरक्षा के नाम पर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। एसडीएम योगेंद्र सिंह ने कहा कि मार्ग खुलवाने को लेकर सेना के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
मार्ग जल्द खुलवाया जाएगा। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष रोहिणी रावत, अतुल सती, माधव प्रसाद सेमवाल, ऋषि प्रसाद सती, नैन सिंह भंडारी, अमित सती, प्रकाश नेगी, रमेश चंद्र सती, अरुण लाल शाह, महावीर सिंह भंडारी और थानाध्यक्ष संजय कुमार आदि मौजूद थे।