स्थानीय बेरोजगारों को कंपनी में रोजगार देने समेत 10 सूत्री मांगों को लेकर प्रभावितों ने रेलवे प्रभावित संघर्ष समिति के नेतृत्व में रेलवे की कार्यदायी कंपनियों (मेघा कंपनी और डीबीएल कंपनी) के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने हाईवे पर भट्टनगर रानौ मार्ग के समीप दोनों कंपनियों के वाहन रोक दिए। इस दौरान समिति की कंपनियों के अधिकारियों से वार्ता हुई जो विफल रही। साथ ही पुलिस भी तैनात रही।
मंगलवार को रेल लाइन योजना के प्रभावितों ने कार्यदायी कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन किया और हाईवे पर भट्टनगर रानौ मार्ग के प्रवेश द्वार के समीप दोनों कंपनियों के वाहन रोक दिए। रेलवे प्रभावित संघर्ष समिति ने निर्माणाधीन रेलवे लाइन के समानांतर दोनों ओर काश्तकारों को आवाजाही के लिए चार मीटर रास्ता देने, स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने, निर्माण कार्य में भारी विस्फोटकों का प्रयोग रोकने आदि की मांग की। इस दौरान कंपनियों के अधिकारियों ने संघर्ष समिति से वार्ता की। मेघा कंपनी के एचआर सुनील सिंह और डीबीएल कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि संघर्ष समिति की अधिकांश मांगों का पहले ही निराकरण हो चुका है और जो कुछ अन्य मांगें हैं उन्हें वार्ता कर सुलझा दिया जाएगा लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे। सूचना पर पहुंचे पुलिस चौकी प्रभारी एमएस गुसाईं के नेतृत्व में पुलिस बल भी तैनात रहा। इस मौके पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष गजेंद्र नयाल, प्रकाश रौथाण, हरीश नयाल, जयकृत बिष्ट, उमेश शैली, मनोज नेगी, प्रकाश शैली, नवीन टाकुली और मनोज चौहान मौजूद थे।