मैठाणा में आयोजित अलकनंदा पर्यटन, संस्कृति एवं कृषि मेले के चौथे दिन कलश साहित्यिक संस्था की ओर से कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक संध्या में महिला मंगल दल मैठाणा, मैड-ठेली और मासौं ने झुमैलो लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुति दी।
बृहस्पतिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मेलों से आपसी सहयोग की भावना का विकास होता है। उन्होंने ग्रामीणों से स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक विकास करने की बात कही। मेले में आयोजित कवि सम्मेलन का शुभारंभ कलश संस्था के संयोजक ओम प्रकाश सेमवाल ने किया।
उन्होंने सृज नयो सृजत होण चैंद, बदलौ की नई बहार औंण चैंद... कविता की प्रस्तुति दी। इसके बाद जय विशाल गढदेशी ने तेरी प्रीते झौल्अ मां कविता की प्रस्तुति से दर्शकों को गुदगुदाया। तेजपाल निर्मोही ने बिसरिग्यां जब हम अपणी रीति-रिवाजों तें, फेर क्वी न क्वी प्रकोप होंणे-होंण च कविता के जरिए समाज के गायब होते रीति और रिवाजों पर तंज कसा।
वहीं सुधीर बत्र्वाल ने तू खित हैंसी जा आ सुणे जा बाच छाली..., बृजेश रावत ने साडय़ों का ह्वेग्या पर्दा ब्वारी सूट लगौंण बेठी, शशि देवली ने हर बरस तिरंगा फहराकर, मेरा देश बदल रहा है, लक्ष्मी प्रसाद ने फोन का दगड़ियों का कभी, झांसा मा आवा, रोशनी पोखरियाल ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और साथ-साथ बचाओ गांवों को और मुरली दीवान धार मा कु गैंणू कविताओं का पाठ किया।
मेले के दौरान आयोजित वॉलीबाल प्रतियोगिताओं में चमोली और गोपेश्वर की टीमों ने जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया। इस मौके पर भाजपा जिला महामंत्री गजेंद्र रावत, रघुवीर बिष्ट, मोहन नेगी, ऊषा रावत, दर्शन सिंह, सुरेंद्र रावत, कमल किशोर सती, राकेश खनेडा, चंडी थपलियाल और सोहन सिंह आदि मौजूद थे।