-अधिकारी फरियादियों का निर्धारित समय तक करते रहे इंतजार
पोखरी। क्षेत्र में बदहाल सड़कें, लगातार बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी गंभीर समस्याओं के बावजूद तहसील दिवस में जनता का न पहुंचना प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। मंगलवार को पोखरी तहसील सभागार में आयोजित तहसील दिवस में सभी विभागीय अधिकारी तय समय पर मौजूद रहे लेकिन एक भी फरियादी अपनी शिकायत लेकर नहीं पहुंचा। यह लगातार दूसरा महीना है जब तहसील दिवस शिकायत-विहीन रहा।
हर माह के प्रथम मंगलवार को आयोजित होने वाला तहसील दिवस जनता को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखने का अवसर देता है। जमीनी स्तर पर समस्याओं के समाधान न होने के कारण अब लोग इन मंचों से दूरी बनाने लगे हैं। तहसीलदार जितेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित इस तहसील दिवस में विभिन्न विभागों के अधिकारी लंबे समय तक फरियादियों का इंतजार करते रहे लेकिन कोई भी शिकायत दर्ज नहीं हो सकी। वहीं, सिनाऊ पल्ला के ग्राम प्रधान तेजपाल निर्मोही, किमोठा के प्रधान हरिकृष्ण किमोठी, कांडई चंद्रशिला के प्रधान भगत भंडारी और गजेंद्र नेगी का कहना है कि जब पहले दी गई शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती और समाधान सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाता है तो लोग शिकायत दर्ज कराने की उम्मीद ही छोड़ देते हैं। यदि शिकायतों की नियमित मॉनीटरिंग हो और समाधान धरातल पर दिखाई दे, तभी जनता दोबारा तहसील दिवस में विश्वास जताएगी।तहसील दिवस में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार, बीडीओ शिव सिंह भंडारी, सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रियम गुप्ता, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता मनमोहन बिजलवाण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन फरियादियों की गैरमौजूदगी ने प्रशासन और जनता के बीच बढ़ती दूरी को साफ तौर पर उजागर कर दिया।