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भू-धंसाव से प्रभावित है क्षेत्र, मंडी समिति परिसर में जियोलॉजी और टोपोग्राफी की ओर से किया जा रहा सर्वे
सर्वे के बाद यूएलएमएमसी और सिंचाई विभाग तैयार करेगा डीपीआर
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। नगर के भू-धंसाव से प्रभावित बहुगुणानगर के मंडी प्रभावित क्षेत्र में वैज्ञानिकों की टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। अगले दो से तीन दिनों तक चार सदस्यीय सर्वे टीम की ओर से जियोलॉजी और टोपोग्राफी की ओर से भूगभर्गीय सर्वे किया जाएगा। सर्वे से प्राप्त आकड़ों के आधार पर उत्तराखंड भूस्खलन, शमन और प्रबंधन केंद्र (यूएलएमएमसी) के साथ सिंचाई विभाग मिलकर डीपीआर तैयार करेगा।
बदरीनाथ नेशनल हाईवे और नैनीसैंण हाईवे के बीच बसे बहुगुणानगर में 38 परिवार पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से भू-धंसाव से प्रभावित हैं। पूर्व में सिंचाई विभाग के सहयोग से भू-वैज्ञानिकों की टीमों ने दो बार का सर्वे कर रिपोर्ट आईआईटी रुड़की को भेजी थी। एक साल पहले सिंचाई विभाग के प्रस्ताव पर सुरक्षात्मक कार्यों के लिए 42 करोड़ की स्वीकृत प्राप्त हुई थी जिससे भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्र के 85 मीटर के दायरे में सुरक्षा कार्य होने थे लेकिन अब यहां 270 मीटर क्षेत्र में सुरक्षा कार्य होंगे। इसके लिए मंगलवार को भू-वैज्ञानिकों की टीम ने मंडी समिति परिसर में सर्वे शुरू किया। वहीं सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता शुभम डोभाल ने कहा कि चार सदस्यीय सर्वे टीम की ओर से सर्वे शुरू कर दिया है। मौसम के अनुसार सर्वे कार्य होगा।