कर्णप्रयाग। रूढ़ियों को तिलांजलि देकर टीचर बेटी ने अपने वकील पिता की चिता को मुखाग्नि दी। उसने शवयात्रा में शामिल होकर उनकी अर्थी को कंधा दिया और अंतिम संस्कार कर पुत्र का फर्ज अदा किया।
जानकारी के अनुसार अपर बाजार निवासी पीतांबरदत्त कांडपाल (84) का शनिवार को निधन हो गया। वह शिक्षा विभाग से रिटायर होने के बाद कर्णप्रयाग कोर्ट में वकालत कर रहे थे।
रविवार को पोखरी पुल के पास शमशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। जैसे ही ज्योति ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी, श्मशान घाट पर मौजूद सभी की आंखें छलक गईं।
बता दें कि पीतांबरदत्त कांडपाल की दो बेटियां ज्योति और प्रतिभा हैं। पिता की तबीयत कुछ समय से खराब थी। सामाजिक कार्यकर्ता हरिकृष्ण भट्ट ने बताया कि ज्योति कांडपाल राइंका, कर्णप्रयाग में शिक्षिका हैं। हर किसी ने ज्योति के हौसले को सराहा।
कांडपाल के निधन पर इन्होंने जताया शोक
बार संघ अध्यक्ष रविंद्र पुजारी, पूर्व पालिकाध्यक्ष सुभाष गैरोला, प्रेमबल्लभ कांडपाल, हरिकृष्ण भट्ट, प्रशांत कांडपाल, श्रीप्रकाश नौनी, सौरभ कांडपाल, डीएस कुंवर, दुुर्गेश भट्ट, राजेंद्र नेगी, ललित मोहन भट्ट, जेपी पुरोहित, विनोद नौटियाल, आलम पंवार, बीरेंद्र सिंह, महिमा भट्ट, रामकृष्ण भट्ट, राजेश जोशी, शफीक अहमद, रहीम सिद्धीकी, इम्तियाज हुसैन।
शव यात्रा के दौरान अपने स्वर्गीय पिता को कंधा देती ज्योति कांडपाल।- फोटो : KARNPRYAG