सात साल बाद तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के सुरंग निर्माण का काम फिर से शुरू हो गया है। यह निर्माण कार्य वर्ष 2012 से बंद पड़ा था।
वर्ष 2012 में 520 मेगावाट क्षमता की तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के सुरंग निर्माण के दौरान टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) सुरंग में फंस गई थी। तब से एनटीपीसी की ओर से 173 करोड़ की लागत की टीबीएम को निकालने के प्रयास किए जा रहे थे। एनटीपीसी के समूह महाप्रबंधक डीके माखीजा का कहना है कि टीबीएम को निकालने के कई प्रयास किए गए, लेकिन प्रयास विफल रहे। वर्ष 2018 से इटली से बुलाए गए छह विशेषज्ञों की टीम की ओर से टीबीएम को ठीक कर दिया गया है। रविवार से टीबीएम ने दोबारा काम करना शुरू कर दिया है। अब जल विद्युत परियोजना के निर्माण की उम्मीद जगी है।