जोशीमठ-मलारी हाईवे के चौड़ीकरण कार्य को शुरू करने से पहले प्रशासन की ओर से जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान नीती घाटी के ग्रामीणों ने मलारी हाईवे चौड़ीकरण से पहले हाईवे के किनारे स्थित भवन स्वामियों और भू स्वामियों के समक्ष सड़क का दोबारा सर्वेक्षण करने की मांग उठाई, जिससे भूमि अधिगृहण की स्थिति स्पष्ट हो सके।
ब्लाक सभागार में एसडीएम कुमकुम जोशी की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और प्रभावित परिवार शामिल हुए। तपोवन निवासी ओम प्रकाश डोभाल ने कहा कि मलारी हाईवे का चौड़ीकरण कार्य कितने मीटर तक होगा, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। बताया जा रहा है कि हाईवे को 24 मीटर तक चौड़ीकरण किया जा रहा है जो गलत है। ग्रामीणों ने हाईवे के किनारे स्थित भवन स्वामियों और भू स्वामियों के समक्ष सड़क का दोबारा सर्वेक्षण करने की मांग उठाई। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कमांडर मनीष कपिल ने कहा कि हाईवे पर जहां भी तीव्र मोड़ हैं, वहां हिल कटिंग कर सड़क चौड़ीकरण कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क के 24 मीटर तक चौड़ीकरण कार्य की बात निराधार है।