कोरोनाकाल में संभावित यात्रा संचालन को लेकर पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर रविवार को बदरीनाथ धाम पहुंचे और यहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान हक-हकूकधारियों व स्थानीय लोगों ने पर्यटन सचिव से चरणबद्ध तरीके से तीर्थयात्रा शुरू करने का सुझाव दिया। वहीं उन्होंने केदारनाथ के दूर से ही दर्शन किए और यहां भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
रविवार सुबह करीब 11 बजे पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर हेलीकॉप्टर से बदरीनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने धाम में टोकन काउंटर समेत विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने तीर्थ पुरोहितों, हक-हकूकधारियों और देवस्थानम बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा को लेकर विचार विमर्श किया। हक-हकूकधारियों ने पर्यटन सचिव को यात्रा शुरू कराने का सुझाव दिया। कहा गया कि कोरोना नियमों का पालन करते हुए स्थानीय लोगों को बदरीनाथ धाम के दर्शनों की अनुमति दी जाए। हालात सामान्य होने पर धीरे-धीरे चारों धामों को अन्य श्रद्धालुओं के लिए भी खोले जाने चाहिए।
वहीं केदारनाथ पहुंचे पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने प्रशासन व देवस्थानम बोर्ड के अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। पर्यटन सचिव ने कोविड-19 गाइडलाइन के तहत मंदिर परिसर से ही बाबा केदार के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने यात्रा संचालन को लेकर स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) के हिसाब से शासन स्तर पर यात्रा संचालन को लेकर बातचीत चल रही है। पर्यटन सचिव ने तीर्थपुरोहितों से भी यात्रा संचालन को लेकर चर्चा की। इस दौरान तीर्थपुरोहितों ने देवथानम बोर्ड को भंग करने की मांग भी की लेकिन पर्यटन सचिव ने कोई जवाब नहीं दिया। निरीक्षण के दौरान जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, ऊखीमठ के उप जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा भी मौजूद थे। इधर, जिलाधिकारी मनुज गोयल ने बताया कि पर्यटन सचिव यात्रा संचालन की संभावनाओं का जायजा लेने आए थे।