हल लगाकर और थोड़ा बहुत दूध बेचकर गुजारा करने वाले सुंदर गांव के भरत सिंह गांव के बेटे ने मेरिट में स्थान बनाया है। भरत के छोटे बेटे अंकित सिंह ने 91.60 प्रतिशत अंक के साथ 12वीं मेरिट सूची में 10वीं रैंक हासिल की है।
अंकित रोज दो किमी पैदल चलकर राजकीय इंटर कालेज जाख पढ़ने जाते थे।
सुंदरगांव में एक दो कमरों के कच्चे मकान में रहने वाले अंकित ने विपरीत परिस्थितियों में ये सफलता हासिल की है। बिना ट्यूशन के और दिन में चार घंटे की पढ़ाई अंकित करते थे। अंकित के पिता भरत कहते हैं कि घर में 6-7 मवेशी हैं।
उनकी देखभाल सहित मां के साथ घरेलू काम काज में भी अंकित खूब हाथ बंटाता है। बड़ा बेटा राहुल श्रीनगर में पढ़ रहा है।
उसने भी बोर्ड परीक्षा में मेरिट सूची में स्थान बनाया था। बच्चों की पढ़ाई का खर्चा पूरा वहन करने और घर चलाने के लिए गांव में हल भी लगानी पड़ती है। गांव की प्रधान हेमलता सगोई ने कहा कि मेधावी छात्र अंकित को सम्मानित किया जाएगा। और मदद करने के प्रयास किए जाएंगे।
अंकित की मां बिंदेश्वरी देवी कहती हैं कि दूध बेचकर और हल लगाकर बच्चों को पढ़ा। बच्चों ने पढ़ाई में नाम कमाया है, लेकिन आगे पढ़ाने के लिए पैसों की व्यवस्था कैसे होगी, घर कैसे चलेेगा यह चिंता भी सता रही है।