17 माह बाद गैरसैंण में शुरू हुए दूसरे विधानसभा सत्र के पहले दिन सोमवार को सदन के बाहर भी खूब हंगामा बरपा। स्थायी राजधानी के मामले को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने सड़कों पर जुलूस-प्रदर्शन करते हुए भाजपा और कांग्रेस को घेरा।
बीपीएड/एमपीएड प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन, योग प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन, आंगनबाड़ी कार्यकत्री संगठन, उपनल कर्मचारी और संयुक्त कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे। उक्रांद कार्यकर्ताओं ने दो बार बैरिकेड को तोड़ने का प्रयास किया। पुलिस ने उक्रांद कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर विधानसभा प्रवेश द्वार से एक किमी दूर छोड़ दिया।
‘राजधानी गैरसैंण गैरसैंण गैरसैंण’ के नारे के साथ यहां पहुंचे उत्तराखंड क्रांति दल (ऐरी) के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी के नेतृत्व में तीन घंटे तक सड़कों पर प्रदर्शन किया।
बारह बजे गढ़वाल मंडल विकास निगम से शुरू हुए जुलूस को पुलिस ने विधानसभा प्रवेश गेट पर रोका। फिर रामलीला मैदान में पुष्पेश त्रिपाठी ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि दल को गैरसैंण स्थायी राजधानी के अलावा कुछ भी मंजूर नहीं और मांग के लिए विधानसभा कूच करें। इसके बाद जुलूस तहसील परिसर, जीआईसी मैदान होते हुए विधानसभा के प्रवेश द्वार पर पहुंचा। यहां कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोकने की कोशिश की।
इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई। बाद में कार्यकर्ता यहीं धरने पर बैठ गए। उक्रांद के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस कभी भी पहाड़ में राजधानी बनाने के पक्ष में नहीं रहे। कांग्रेस सरकार यहां सत्र आयोजित कर लोगों की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रही है।
नियमितीकरण के लिए सड़क पर उतरे उपनल कर्मी
नियमितीकरण सहित छह सूत्री मांगों को लेकर विधानसभा सत्र के पहले दिन उपनल कर्मियों ने यहां प्रदर्शन किया और धरना दिया। संगठन के प्रदेश महासचिव महेश भट्ट ने कहा कि सरकारी कर्मियों का दो बार डीए बढ़ा दिया गया, लेकिन उपनल कर्मियों के वेतन में वर्ष 2013 से बढ़ोत्तरी नहीं हुई है।
कर्मियों ने महिला कर्मियों को मातृत्व अवकाश सहित भविष्य में किसी भी उपनल कर्मियों को न हटाने का शासनादेश जारी करने समेत छह सूत्रीय मांगों को पूरा करने के लिए शाम चार बजे तक धरना दिया। धरना देने वालों में प्रदेश अध्यक्ष भावेश जगूड़ी, पंकज पालीवाल, आशुतोष पुरोहित, कुलदीप रावत आदि शामिल थे।
संयुक्त कर्मचारी महासंघ ने दिया धरना
उत्तराखंड पर्यटन विभाग एवं पर्यटन विकास परिषद निगम की ओर से लाभकारी पर्यटक आवास गृहों को पीपीपी मोड में दिए जाने से नाराज संयुक्त कर्मचारी महासंघ ने विधानसभा सत्र के पहले दिन धरना दिया। निर्णय लिया गया कि संगठन 6 और 7 नवंबर को पर्यटन मुख्यालय देहरादून में धरना-प्रदर्शन करेगा।
इसके बाद जिला मुख्यालयों पर चरणबद्ध रूप से आंदोलन किया जाएगा। धरना देने वालों में पुरुषोत्तम पुरी, जयप्रकाश कोठारी, राजेेश रमोला, मनमोहन चौधरी, आशीष उनियाल, रणवीर रावत, विजय कुमार आदि मौजूद थे।
गैरसैंण में गरजीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां
मानदेय में बढ़ोत्तरी, ग्रीष्मकालीन अवकाश, मिनी केंद्रों के उच्चीकरण सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने प्रदर्शन किया। रैली निकालते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों सरकार पर उपेक्षा और झूठे आश्वासन देने का आरोप लगाया। इस दौरान मुन्नी पंवार, पप्पी पुरोहित, भारती राणा, जानकी रावत आदि मौजूद थे।
वीपीएड, एमपीएड प्रशिक्षितों ने की नियुक्ति की मांग
बीपीएड, एमपीएड प्रशिक्षितों ने नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कहा कि कई प्रशिक्षित उम्र की सीमा पार कर चुके हैं, लेकिन सरकार रिक्तियों पर विज्ञप्ति जारी नहीं कर रही है।
योग प्रशिक्षितों ने भी प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी का भी घेराव किया और ज्ञापन दिया। नैथानी ने योग प्रशिक्षितों को सकारात्मक आश्वासन दिया है।
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने लगाए आरोप
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने हरीश रावत सरकार पर भूमाफियाओं से मिलीभगत का आरोप लगाया। पार्टी के अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि अल्मोड़ा के नैनीसारा की उपजाऊ जमीन सरकार ने औने पौने दामों में जिंदल ग्रुप को दे दी है। जबकि कई नाली जमीन पर भूमाफियाओं को दे दी गई है।
पार्टी इसके विरोध में गांव गांव जाकर आंदोलन करेेगी। गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने के लिए भी आंदोलन किया जाएगा।