पीजी कालेज गोपेश्वर को श्रीदेव सुमन विवि का कैंपस बनाने की
मांग को लेकर छठे दिन भी छात्र-छात्राएं आमरण अनशन कर डटे रहे।
रविवार को बीसूका उपाध्यक्ष राजेंद्र भंडारी ने अनशन स्थल पर पहुंच कर छात्रों की वार्ता मुख्यमंत्री से करवाने तथा मुख्यमंत्री के साथ मांग पर बैठक करवाने की बात कही, लेकिन छात्रों ने कैंपस के लिखित आश्वासन न मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कहकर विधायक को बैरंग लौटा दिया। वहीं शनिवार रात को पुलिस ने अनशनकारियों को जबरन अस्पताल में भर्ती कराया।
वहीं आंदोलित छात्रों को व्यापार संघ और अन्य संगठनों ने दिया है। व्यापार संघ अध्यक्ष अंकोला पुरोहित और टैक्सी यूनियन अध्यक्ष जगमोहन सिंह ने कहा यदि सरकार छात्रों की न्यायोचित मांग पर शीघ्र कार्रवाई नहीं करती तो वे अनिश्चितकाल के लिए बाजार बंद कर चक्का जाम कर देंगे।
शनिवार को देर रात करीब साढे़ दस बजे चिकित्सकों के परामर्श पर प्रशासन ने आंदोलनकारियों को चिकित्सालय में भर्ती कराने का प्रयास किया, जिस पर पुलिस और छात्रों बीच ढाई घंटे तक बहस हुई।
इसके बाद पुलिस ने जबरन छात्रों को चिकित्सालय पहुंचाया और जांच के बाद एक आंदोलनकारी छात्र को चिकित्सालय में भर्ती करा दिया। अन्य छह छात्रों की स्थिति सामान्य है। इसके बाद रविवार को छात्र संघ अध्यक्ष पदमेंद्र बिष्ट, यूआर संदीप नेगी, ओम प्रकाश, आलोक नैथानी और संदीप रावत ने पुन: अनशन स्थल पर पहुंच कर अपना अनशन जारी रखा।
देर रात्रि प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई पर छात्र नेताओं ने नाराजगी जताई। इस मौके पर पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष आस्तिक सती, भगत सिंह, अरुणा, पूनम, सत्य प्रकाश सती, मनोज भंडारी, वीरेंद्र असवाल, सुमन, कांति और अमीषा आदि मौजूद थे।
छात्रों के सवालों के जवाब नहीं दे पाए डीएम
गोपेश्वर। रविवार को जिलाधिकारी अशोक कुमार ने पीजी कालेज पहुंचकर आंदोलनकारियों का हालचाल जाना। उन्होंने छात्रों से मुख्यमंत्री से वार्ता कर मामले का हल निकालने की बात कही लेकिन छात्र नहीं माने।
छात्रों ने जब जिलाधिकारी से शनिवार देर रात प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के विषय में पूछा तो डीएम छात्रों को संतुष्ट जवाब नहीं दे पाए। छात्रों के सवालों को देखते हुए जिलाधिकारी मौके से लौट गए।