मेले के उद्घाटन समारोह पर सीएम हरीश रावत के सामने समस्याओं को लेकर विरोध के स्वर भी फूटे। इस दौरान सिंचाई नहर की समस्या को लेकर बमौथ के ग्रामीणों ने और नियुक्ति की मांग को लेकर योग प्रशिक्षितों ने नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस प्रशासन प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को मेला मैदान के बाहर और पांडाल के गेट पर रोकने में सफल रहे।
गौचर मेले में शामिल होने करीब साढ़े बारह बजे सीएम हरीश रावत हवाई पट्टी पहुंचे। इस दौरान बमौथ के प्रधान पीएस रावत के नेतृत्व में कई ग्रामीण बदरीनाथ हाईवे पर जमा हुआ।
जैसे ही सीएम का काफिला बदरीनाथ हाईवे से गुजरा ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मेला मैदान में घुसने के प्रयास किए, लेकिन पुलिस ने मैदान के पहले गेट पर ही ग्रामीणों को रोक दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि बमौथ गांव की सिंचाई नहर आठ सालों से ठप पड़ी है। ग्रामीण बिना पानी के खेती छोड़ने को विवश हैं और मुुख्यमंत्री कृषि को बढ़ावा देने की बात कह रहे हैं। दूसरी ओर योग प्रशिक्षित संगठन के अध्यक्ष अरविंद बिष्ट के नेतृत्व में योग प्रशिक्षितों ने नियुक्ति की मांग को लेकर मेला मैदान में प्रदर्शन किया।
पांडाल में जबरन घुस रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने पांडाल गेट पर ही रोक दिया। बाद में योग प्रशिक्षितों के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम से वार्ता की जबकि बमौथ के ग्रामीणों ने मांगों का ज्ञापन सीएम को प्रशासन के माध्यम से दिया।
मांगों के निराकरण के लिए सीएम को ज्ञापन
विभिन्न संगठनों ने सीएम को मांगों के निराकरण के ज्ञापन सौंपे। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर्णप्रयाग के छात्र संघ अध्यक्ष अनिल कुमार ने ज्ञापन में महाविद्यालय में स्नात्तकोत्तर स्तर पर भूगोल, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, संस्कृत और स्नातक स्तर पर समाजशास्त्र, शिक्षा शास्त्र, गृह विज्ञान और सैन्य विज्ञान विषयों खोले जाने सहित छात्रावास, क्रीड़ा मैदान और पुस्तकालय भवन के निर्माण की मांग की।
बीपीएड, एमपीएड बेरोजगार संगठन चमोली के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में प्रशिक्षितों ने ज्ञापन देते हुए बीपीएड और एमपीएड प्रशिक्षितों की नियुक्ति की मांग की। बमोथ गांव के सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष चमोली ने सरमोला-बमोथ-भट्टनगर मोटर मार्ग पर डामरीकरण कार्य शुरू करने की मांग की। सर्वदलीय नगर विकास संघर्ष समिति ने भी सीएम को मांगपत्र सौंपा।