शनिवार को हुई जिला पंचायत की बैठक हंगामेदार रही। बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष के विवेकाधीन कोष पर जमकर हंगामा किया। लंच तक सदस्यों ने बैठक चलने नहीं दी।
अध्यक्ष मुन्नी शाह ने बैठक के बाद विवेकाधीन कोष पर चर्चा की बात कही, तब जाकर सदस्यों ने सदन चलने दिया।
शनिवार सुबह 11 बजे जिला पंचायत सभागार में बैठक शुरू हुई तो जिला पंचायत सदस्य दर्शन सिंह, प्रदीप बुटोला और राजेंद्र दानू ने जिला पंचायत अध्यक्ष के विवेकाधीन कोष पर चर्चा करने की बात कही, जबकि अन्य सदस्यों ने एजेंडे के मुताबिक लोनिवि पर चर्चा करने की मांग उठाई।
इस पर सदन में ही सदस्य दो धड़ों में बंट गए। जैसे ही अध्यक्ष के निर्देश पर लोनिवि की समस्याओं पर चर्चा होने लगी तो कुछ सदस्य अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी कर मंच पर चढ़ गए और जिससे सदन में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
दो घंटे तक हो-हल्ला होता रहा, जिसके बाद अध्यक्ष ने बैठक के बाद विवेकाधीन कोष पर चर्चा करने की बात कही, जिसके बाद सदन शुरू हुआ।
जिला पंचायत सदस्य बाटुला वार्ड देवेंद्र नेगी ने पीपलकोटी में मंगरीगाड़ के सुंदरीकरण, सदस्य गुड्डू राम ने जीआईसी धुर्मा के भवन की जीर्णशीर्ण स्थिति सुधारने, रानौं वार्ड के जिला पंचायत सदस्य गजपाल बर्त्वाल ने उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुजासु के प्रधानाचार्य को मूल विद्यालय भेजने की मांग उठाई।
मनोज भंडारी ने मींग गदेरा-दांगतोली सड़क निर्माण, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आलकोट में फार्मेसिस्ट की नियमित तैनाती, सदस्य दीक्षा बिष्ट ने हेलंग-कल्पेश्वर सड़क निर्माण, देवाल की प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने ग्रामीणों को मंडुवे का समर्थन मूल्य 23 रुपये दिए जाने की मांग उठाई।