सेलंग गांव के परियोजना प्रभावितों ने सोमवार को क्षेत्र में निर्माणाधीन 520 मेगावाट की तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य रुकवा दिया है। प्रभावितों का कहना है कि परियोजना शुभारंभ के दौरान एनटीपीसी ने स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का वायदा किया था, लेकिन कार्य शुरू होने के बाद अब स्थानीय बेरोजगारों की उपेक्षा कर बाहरी लोगों को रोजगार दिया जा रहा है।
परियोजना प्रभावित नारेबाजी कर परियोजना के टीवीएम गेट तक पहुंचे, लेकिन यहां सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया।
इसके बाद प्रभावितों ने गेट पर ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना स्थल पर हुई सभा में युवक मंगल दल अध्यक्ष कल्पेश्वर भंडारी ने कहा कि कंपनी की ओर से स्थानीय युवाओं को रोजगार के मात्र कोरे आश्वासन दिए जा रहे हैं। परियोजना कार्य के लिए उन्होंने अपने हक-हकूक की भूमि दी, लेकिन अब परियोजना कार्य करा रहे एनटीपीसी, हिंदुस्तान और पिटवल कंपनी के अधिकारी सौतेला व्यवहार कर रहे हैं।
प्रभावितों ने कहा कि जब तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तब तक परियोजना के गेट पर धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान उप प्रधान देवेंद्र सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह, महादीप पंवार, मोहन सिंह फर्सवाण आदि मौजूद थे।
अनुबंध के अनुसार एनटीपीसी परियोजना प्रभावितों को रोजगार देने के लिए बाध्य नहीं है, लेकिन क्षेत्रीय जनता की मांग पर सेलंग गांव के 73 बेरोजगार युवाओं को परियोजना में रोजगार दिया गया है। साथ ही गांव में सामूहिक विकास योजना के तहत विकास कार्य किए जा रहे हैं।
-राजेंद्र सिंह जयाड़ा, जनसंपर्क अधिकारी, एनटीपीसी, जोशीमठ।