गैरसैंण में शराब की दुकान को लेकर प्रदर्शन करती महिलाएं।
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राजमार्ग पर संचालित अंग्रेजी शराब की दुकानों की शिफ्टिंग लाइसेंसी ही नहीं बल्कि विभाग के गले की फांस भी बन गई है। स्थिति यह है कि सर्किल की नौ शराब की दुकानों में से सात का शटर दूसरे दिन रविवार को भी नहीं खुल पाया।
सबसे अधिक समस्या कर्णप्रयाग, नारायणबगड़, गौचर और मेहलचौंरी की दुकानों को लेकर है। यहां गांवों में दुकानों को शिफ्ट करने का विरोध लगातार ग्रामीण कर रहे हैं। वहीं थराली और देवाल की दुकानें पूर्ववत की भांति चलती रहेंगी।
मेहलचौंरी की दुकान को मैखोली गांव में संचालित करने पर महिलाएं और ग्रामीण एक सप्ताह से आंदोलित हैं। नारायणबगड़ की दुकान को आली गांव में शिफ्ट करने की तैयारी विभाग कर रहा था, लेकिन यहां ग्रामीणों के विरोध के बाद विभाग के कदम ठिठक गए। अभी यहां जगह तलाशी जा रही है। ग्वालदम और गौचर की दुकानें कहां शिफ्ट होंगी यह भी विभाग अभी तय नहीं पाया है। सबसे अधिक दिक्कत कर्णप्रयाग की दुकान को लेकर है।
यहां देवतोली, कपीरी रोड सहित नगर पालिका पार्किंग के पास दुकान संचालित करने के लिए जगह तलाशी जा रही थी लेकिन विरोध के चलते विभाग दुकान को शिफ्ट नहीं किया जा सका। जिला आबकारी अधिकारी हरीश चंद्र का कहना है कि सभी दुकानों को उचित स्थान पर संचालित किया जा सके इसके लिए जगह तलाशी जा रही है। एक दो दिनों में समस्या हल कर दी जाएगी।