चीन सीमा क्षेत्र में स्थित नीती घाटी से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने की मांग उठने लगी है। नीती गांव में हुई भोटिया जनजाति के ग्रामीणों की बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि घाटी से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू होने से यहां रोजगार के द्वार भी खुल जाएंगे। घाटी के युवा मैदानी क्षेत्रों के बजाय अपने क्षेत्र में ही स्वरोजगार करेंगे।
पूर्व प्रमुख मुख्य वन संरक्षक डा. आरबीएस रावत ने कहा कि नीती घाटी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। मानसरोवर इस सीमा क्षेत्र से काफी नजदीक है। यदि कैलाश मानसरोवर यात्रा को नीति घाटी से शुरू करवाया जाए तो यह उत्तराखंड पर्यटन के विकास के लिए अभूतपूर्व कदम होगा। प्रधान संगठन के जिला महामंत्री व कागा गांव के प्रधान पुष्कर सिंह राणा ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा नीती घाटी से शुरू होती है तो चीन सीमा पर भारत की स्थिति भी मजबूत होगी। स्वरोजगार के लिहाज से भी यह यात्रा बेहद फायदेमंद होगी। इस मौके पर प्रवक्ता नंदन सिंह रावत, बैशाख सिंह रावत, विजय सिंह डुंगरियाल और धन सिंह रावत आदि मौजूद थे।