श्रीदेव सुमन विवि के दीक्षांत समारोह के बाद आयोजित सांस्कृतिक संध्या लोक गायक किशन महिपाल के गीतों के नाम रही। एक के बाद एक गीतों की प्रस्तुतियों ने लोगों को घंटों बैठने के लिए मजबूर किया।
शनिवार देर शाम शुरू हुए कार्यक्रम के दौरान जैसे ही किशन महिपाल मंच पर पहुंचे लोगों ने तालियों से उनका स्वागत किया। उसके बाद उन्होंने गढ़वाली गीतों का सिलसिला शुरू किया, तो वह फिर देर रात तक चलता रहा। गोपेश्वर महाविद्यालय के परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम की किशन महिपाल ने भगवान बदरीनाथ की स्तुति के साथ शुरूआत की। इसके बाद किंगारी का झाला घु घूती..., रानि खेता राम ढोला कन बजी घम घमा..., स्याली भंपाली त्वे मिलण औलो मैं निती घंसाली, फ्यूंलडिय़ा त्ये देखि की औंदु यु मन मां..., आदि गीतों की प्रस्तुतियां दी। इस दौरान कुलपति डा. यूएस रावत, कुलसचिव सुधीर बुड़ाकोटी, परीक्षक नियंत्रक डा. आरएस चौहान, उप कुलसचिव दिनेश चंद्रा, गोपेश्वर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. एके गुप्ता, डा. बीसी शाह, डा. दर्शन नेगी, सहायक परीक्षा नियंत्रक डा. हेमंत बिष्ट आदि मौजूद थे।