2000 से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
गुरुद्वारे के साथ बर्फ के भी दर्शन करेंगे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट 10 अक्तूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने से एक दिन पहले शुक्रवार को हेमकुंड साहिब में जमकर बर्फबारी हुई जिससे पूरा धाम बर्फ की सफेद चादर से ढक गया। सीजन की अंतिम अरदास के साथ कपाट बंद करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस दौरान गुरुद्वारे में 2000 से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को बर्फ से ढके हेमकुंड साहिब के मनमोहक नजारे का दीदार करने का मौका भी मिलेगा।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कपाट बंद करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शनिवार सुबह 10 बजे सुखमनी साहिब के पाठ के साथ कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद शब्द कीर्तन होगा। दोपहर 12:30 बजे अंतिम अरदास और एक बजे हुक्मनामा लिया जाएगा। सेना के बैंड की मधुर धुनों के बीच पंज प्यारों की अगुवाई में गुरु ग्रंथ साहिब को दरबार साहिब से सचखंड में सुशोभित किया जाएगा। इसके बाद हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने से ठीक पहले हुई बर्फबारी ने धाम की खूबसूरती और बढ़ा दी है।
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रविवार को बंद होंगे लक्ष्मण मंदिर के कपाट
हेमकुंड साहिब के साथ ही लोकपाल घाटी के अन्य धार्मिक स्थलों के कपाट बंद होने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। लक्ष्मण मंदिर के कपाट रविवार को बंद किए जाएंगे। मंदिर के पुजारी मनीष पांडे ने बताया कि कपाट बंद करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
पाकिस्तान से 40 श्रद्धालुओं का जत्था पहुंचा गोविंदघाट
हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने के अवसर पर पाकिस्तान से 40 श्रद्धालुओं का जत्था गोविंदघाट पहुंचा और यहां से घांघरिया के लिए रवाना हो गया। गुरुद्वारा प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि जत्था शनिवार को हेमकुंड साहिब पहुंचकर अंतिम दिन के कार्यक्रमों में शामिल होगा।