बदरीनाथ धाम के साथ ही जिले की ऊंची चोटियों पर रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी से निचले क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। अत्यधिक ठंड के चलते बदरीनाथ हाईवे पर हनुमान चट्टी से आगे के नालों में पानी जम गया है।
कंचन गंगा और रड़ांग बैंड के नालों में भी पानी जम गया है। देश के अंतिम गांव माणा में अलकनंदा का पानी भी ठहराव वाले स्थानों में बर्फ में तब्दील हो गया है।
वहीं, बदरीनाथ धाम के निचले क्षेत्रों में धूप से कई जगहों पर बर्फ पिघल गई है। धाम परिसर में भी अभी नाममात्र की बर्फ जमी है। शीतकाल में बदरीनाथ धाम में आईटीबीपी के जवान रहते हैं।
इस वर्ष करीब 12 साधु यहां तपस्यारत हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह का कहना है कि बदरीनाथ धाम में अभी तक हल्की बर्फबारी ही हुई है।
15 जनवरी के बाद संपूर्ण बदरीनाथ धाम बर्फ के आगोश में समा जाता है। यहां शीतकाल में मंदिर और गेस्ट हाउसों की देखरेख के लिए समिति के कर्मचारी तैनात किए जाएंगेे।