डीएम ने गठित की एसआईटी, निजी कब्जे मिलने पर हटाए जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी-
गोपेश्वर। चमोली जिले में राजस्व विभाग के कब्जे में रही आरक्षित वन भूमि के गैर वानिकी उपयोग के मामलों की अब विस्तृत जांच होगी। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने ऐसे सभी मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी को किसी व्यक्ति अथवा संस्था को गैर वानिकी कार्यों के लिए आवंटित आरक्षित वन भूमि का अभिलेखीय परीक्षण करने के साथ ही वर्तमान स्थिति और उपयोग की जांच के निर्देश दिए गए हैं। अगर इस भूमि पर कब्जे मिले तो उसे हटाया जाएगा।
बैठक में डीएम ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और शासन के निर्देशों के क्रम में यह जांच की जा रही है। एसआईटी भूमि के आवंटन की स्थिति, वर्तमान कब्जे और उपयोग समेत अन्य पहलुओं का परीक्षण करेगी। यदि आरक्षित वन भूमि का उपयोग निर्धारित वानिकी प्रयोजन के बजाय किसी अन्य कार्य में किया जाना पाया जाता है तो शासन और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने एसआईटी को प्रत्येक सप्ताह जांच की प्रगति और रिपोर्ट जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि आरक्षित वन भूमि पर किसी निजी व्यक्ति या संस्था का कब्जा पाया जाता है तो नियमानुसार कब्जा हटाकर भूमि वन विभाग को हस्तांतरित की जाए। बैठक में सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, एडीएम विवेक प्रकाश, परियोजना निदेशक आनंद सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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डीएम की अध्यक्षता में एसआईटी गठित
एसआईटी में डीएम गौरव कुमार अध्यक्ष और एडीएम विवेक प्रकाश को सदस्य सचिव बनाया गया है। एसडीएम ज्योतिर्मठ, चमोली, कर्णप्रयाग, पोखरी, थराली और गैरसैंण को सदस्य नामित किया गया है। इसके अलावा प्रभागीय वनाधिकारी बदरीनाथ, केदारनाथ वन प्रभाग गोपेश्वर और डीएफओ नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क ज्योतिर्मठ को भी एसआईटी में सदस्य बनाया गया है।