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Chamoli News: बहनों ने भाईयों की कलाई पर बांधा प्यार का बंधन

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रक्षाबंधन पर्व गढ़वालभर में हर्षोल्लास से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और भाईयों ने उन्हें उपहार के साथ उन्हें उनकी रक्षा का वचन दिया। जबकि चमोली और उत्तरकाशी में पेड़ों को रक्षासूत्र बांधे गए। साथ ही पुलिस अधिकारियों को भी राखी बांधी गई। हालांकि मुहूर्त सुबह 7 बजकर पांच मिनट तक ही था फिर भी दिनभर रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। घरों में तरह-तरह के व्यंजन बनाए गए और मंदिरों में पूजा-अर्चना की गई।
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गोपेश्वर। चरण पादुका गोथल समिति की ओर से रक्षाबंधन पर्व पर डाली लगोला, जीवन बचोला अभियान के तहत मंडल मार्ग के किनारे रोपे गए पौधों पर रामचंद्र भट्ट विद्या मंदिर इंटर कॉलेज और एनएसएस के छात्र-छात्राओं ने पौधों पर रक्षासूत्र बांधे। इस दौरान पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए अधिकाधिक पौधरोपण पर जोर दिया गया। एनएसएस अधिकारी भगवती प्रसाद पुरोहित के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण रैली भी निकाली। इस मौके पर समिति की अध्यक्ष दीपा देवी, पवन कुमार, विजय बिष्ट, किशन सिंह बिष्ट, पुष्कर सिंह, मुकेश आदि ने पौधों के साथ ही पुलिस अधिकारियों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रक्षासूत्र बांधे।

कर्णप्रयाग, सिमली, आदिबदरी, नौटी, नंदासैंण, सिरोली, भटोली, नौली, बगोली व गांवों में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया गया। वहीं, देवाल के शिव मंदिर में श्रावणी उपाकर्म पर्व मनाया। दो घंटे चले हेमाद्री संकल्प स्नान और ऋषि तर्पण के बाद रक्षासूत्र बांधे गए। वहीं पौड़ी में भी पर्व को लेकर उल्लास रहा। वहीं मिठाई की दुकानों पर भीड़ लग रही।
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नई टिहरी। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने नई टिहरी कोतवाली में और भाजपा नैनबाग महिला मोर्चा ने कैंपटीफाल थाने में पुलिस कर्मियों को रक्षासूत्र बांधकर शुभकामनाएं दींं। इस मौके पर युवा मोर्चा के जिला महामंत्री विनीत उनियाल, गढ़वाल सह संयोजक मनीष राणा, मंडल अध्यक्ष नीरज गिरी, मणिका राणा, दीप्ति, ज्योति आदि उपस्थित रहे।



बच्चों ने गांव से जंगल तक निकाली रैली

आदर्श राजकीय इंटर कालेज गेंवला, आदर्श उत्कृष्ट राजकीय इंटर कालेज पुरोला, राजकीय इंटर कालेज सौंरा के छात्र-छात्राओं ने पेड़ों को रक्षासूत्र बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। रक्षासूत्र आंदोलन के बैनर तले बच्चों ने गांव से जंगल तक रैली निकाली और लोगों से पौधे बचाए रखने की अपील की। हिमालयी पर्यावरण शिक्षा संस्थान ने बताया कि वर्ष 1994 में वनों के व्यवसायिक कटान के विरोध में शुरू हुआ रक्षासूत्र आंदोलन अब गांव-गांव तक पहुंच गया है। रक्षा सूत्र आंदोलन के संयोजक सुरेश भाई ने कहा कि पेड़ पौधे और प्राणियों का जन्म-जन्म का रिश्ता है। इसी रिश्ते की डोर इतनी मजबूत है कि मनुष्य सांस ले सकता है, पानी पी सकता है।
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