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रामभक्त हनुमान ने फूंकी सोने की लंका

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माता सीता के खोज में वनों में भटके श्रीराम और लक्ष्मण
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पीपलकोटी। ज्योति क्लब की ओर से आयोजित रामलीला मंचन के सातवें दिन श्रीराम और लक्ष्मण वन में माता सीता की खोज में किस्किंधा पर्वत पर पहुंच जाते हैं। वानरराज सुग्रीव दोनों भाईयों को अपनी ओर देख हनुमान को सतर्क करते हैं और उन्हें श्रीराम व लक्ष्मण के पास भेजते है। इसके बाद हनुमान श्रीराम और लक्ष्मण को सुग्रीव के पास ले जाते हैं। सुग्रीव अपने भाई बाली के अत्याचार से मुक्ति दिलाने के लिए श्रीराम से प्रार्थना करता है। बाद में श्रीराम के हाथों बाली का वध होता है और सुग्रीव को किस्किंधा पर्वत का राजा बनाया जाता है। इसके बाद श्रीराम हनुमान को सीता का पता लगाने के लिए रावण की लंका में भेजते हैं। हनुमान सीता का पता लगा लेते हैं। हनुमान का यहां रावण के पुत्र अक्षय कुमार से युद्ध होता है, जिसमें अक्षय कुमार प्राण त्याग देता है। मेघनाथ हनुमान को बंधी बनाकर रावण दरबार में लाता है। रावण अपने सैनिकों को हनुमान की पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है, जिसके बाद हनुमान संपूर्ण लंका में आग लगा देते है।
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सीता स्वयंवर का हुआ भव्य मंचन
जोशीमठ। सांस्कृतिक परिषद रविग्राम की ओर से आयोजित रामलीला के तीसरे दिन सीता स्वयंवर का भव्य मंचन किया गया। मंचन में परशुराम-लक्ष्मण संवाद आकर्षण का केंद्र रहा। रामलीला के प्रवक्ता संजय डिमरी ने बताया कि रविग्राम में रामलीला के पचास वर्ष पूर्ण होने पर स्वर्ण जयंती मनाई जा रही है। वर्ष 1969 से गांव में प्रतिवर्ष रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। श्रीराम का अभिनय अभय बहुगुणा, लक्ष्मण का अमन बहुगुणा, सीता का अमन राणा, रावण का दीपक डिमरी, परशुराम का हर्षवर्द्धन भट्ट, जनक का संजय डिमरी निभा रहे हैं।
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