कर्णप्रयाग। बबलेश्वर महादेव मंदिर बगोली में आयोजित श्रीराम कथा के सातवें दिन कथा श्रवण के लिए भारी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। कथा वाचक आचार्य प्रभुकांत डिमरी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने माता और पिता के वचन काे पूरा किया और वनवास चले गए। वहीं भरत ने छोटे भाई का धर्म निभाया और खुद राजपाट न अपनाकर श्रीराम की चरण पादुका को राज सिंहासन पर विराजमान कर दिया। पंडित चंडी प्रसाद खंडूड़ी ने भगवान भोलेनाथ, लाटू देवता की पंचद्रव्यों से महाभिषेक पूजा कर विश्व कल्याण की प्रार्थना की। श्रीराम कथा में संगीतज्ञ अमित खंडूड़ी और शिवांकर डिमरी के राम से बड़ा राम का नाम..., नमामी समीषाण निर्वाण रूपं.... आदि भजनों की प्रस्तुति दी। अनुष्ठान में समिति के अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह नेगी, कोषाध्यक्ष महावीर कनवासी और विक्रम कठैत आदि मौजूद रहे। संवाद
22 सितंबर को शुरू होगी मां चंडिका की यात्रा
कर्णप्रयाग। जिलासू की मां चंडिका की दिवारा यात्रा के कार्यक्रम की तिथियां तय हो चुकी हैं। 22 सितंबर को नवरात्रि प्रारंभ प्रतिपदा के दिन मां चंडिका की यात्रा शुरू होगी और बनातोली सिवाईं में प्रवेश करेगी। नवरात्रों में 10 दिनों तक मां चंडिका की पूजा सहित कई कार्यक्रम होंगे। 2 अक्तूबर से मां चंडिका की दिवारा यात्रा शुरू हो जाएगी। खाल गांव में आयोजित बैठक में समिति और ब्रह्मकोटी के पंडितों ने बैठक में तिथियां तय कीं। समिति के अध्यक्ष दिलबर सिंह चौहान ने बताया कि प्रथम दिवस पर मां चंडिका की दिवारा यात्रा सरमोला गांव के लिए प्रस्थान करेगी। इस मौके पर मां चंडिका ब्रह्मकोटी अध्यक्ष चंद्रबल्लभ बेंजवाल, चंडिका मंदिर के पुजारी प्रकाश चंद्र तिवारी, समिति के सचिव ईश्वर सिंह राणा, उपाध्यक्ष संदीप सिंह चौहान, कोषाध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत, सहसचिव दर्शन सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद