पीपलकोटी। साहित्यकार शशि देवली और महिला स्वरोजगार के लिए संघर्षरत संगीता थपलियाल को राज्य सरकार की ओर से दिए जाने वाले प्रतिष्ठित तीलू रौतेली सम्मान के लिए चयनित किया गया है। जिले की ये दोनों तीलू रौतेली बोली-भाषा और महिला सशक्तीकरण के लिए संघर्ष कर रही हैं।
दशोली ब्लॉक के गडोरा गांव निवासी शशि देवली को यह सम्मान साहित्य और सामाजिक क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया जा रहा है। लेखिका व कवियत्री शशि देवली बचपन से ही कविताएं लिखती हैं। इसी बूते उन्होंने अपनी साहित्यिक गतिविधियों और सामाजिक क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है। वे वर्तमान में अध्यापन का कार्य करती हैं। शशि देवली का कहना है कि अपनी बोली-भाषा के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगी। वहीं, दशोली ब्लाक के सैकोट गांव निवासी संगीता थपलियाल महिला स्वरोजगार के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही हैं। संगीता हिमवंत फाउंडेशन सोसाइटी के माध्यम से जहां पर्यावरण संरक्षण का कार्य कर रही हैं वहीं गरीब महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं।
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बैंग्वाड़ी की प्रधान और दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी चयनित
पौड़ी। ग्राम पंचायत बैंग्वाड़ी की ग्राम प्रधान मधु खुगशाल को तीलू रौतेली पुरस्कार मिलने पर ग्रामीणों में उत्साह है। वहीं जिले में दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य पुरस्कार प्रदान किया गया है। चयनित तीनों महिलाओं को शनिवार को देहरादून में पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
ग्राम पंचायत बैंग्वाड़ी की प्रधान मधु खुगशाल पहली बार वर्ष 2014 में प्रधान चुनी गईं। उन्होंने ग्राम पंचायत में जरूरतमंदों को विधवा, वृद्धा, दिव्यांग पेंशन से लाभान्वित कराने में अहम भूमिका निभाई। साथ ही महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए जयश्री स्वयं सहायता समूह, जय साईं व जय झालीमाली स्वयं सहायता समूहों का गठन किया। जो खेती, दुग्ध व महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। वहीं पौड़ी ब्लॉक स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पैडुल की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रोशनी व जहयरीखाल केंद्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अर्चना देवी को उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्य पुरस्कार भी दिया गया है। संवाद