चमोली जिले में गंगा स्वच्छता अभियान को खुद जल संस्थान ही पलीता लगा रहा है। 18 दिनों से बदरीनाथ हाईवे पर चमोली बाजार में सीवर का पाइप फटा हुआ है, जिससे गंदगी सड़कों तक फैली है और सीधे अलकनंदा में जा रही है। लोगों ने जल संस्थान के अधिकारियों को इस समस्या के बारे में बताया, लेकिन अभी तक विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
चमोली बाजार के समीप अलकनंदा नदी के किनारे निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) की ओर से सीवरेज शोधन संयंत्र स्थापित किया गया है लेकिन अभी तक चालू नहीं हो पाया है। अभी पुरानी सीवर लाइन से ही नगर की गंदगी बहती है, लेकिन पांच जनवरी को अचानक सीवर लाइन का पाइप फट गया और गंदगी आम रास्ते के साथ ही लोगों के आंगन तक पहुंच गई है। धीरेंद्र सिंह रावत, प्रेम बहादुर, संदीप रावत, वीरेंद्र रावत और नितिन कुमार का कहना है कि जल संस्थान के अधिकारियों को सीवरेज लाइन के पाइप क्षतिग्रस्त होने की सूचना दी गई, लेकिन आज तक इस ओर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। सीवर सड़कों पर बह रहा है और लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। अब सीवर सीधे अलकनंदा में जा रहा है। अपर बाजार में भी सीवर लाइन कई जगहों पर लीकेज हो रही है।
चमोली में सीवर लाइन बेहद पुरानी हो गई है। कई बार मलबा फंसने के कारण दिक्कत आ जाती है। लाइन को ठीक करवाया जा रहा है। नई सीवर लाइन बिछाने का कार्य लगभग पूरा हो गया है, तब यह समस्या पूरी तरह से दूर हो जाएगी। - पीके सैनी, ईई, जल संस्थान, गोपेश्वर, चमोली।