जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह चौहान ने युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी युवक को सात साल के कठोर कारावास और 16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। घटना 15 अप्रैल 2017 की है।
पीड़िता के पिता ने 11 नवंबर वर्ष 2017 को थाने में तहरीर दी कि 15 अप्रैल को उनकी पुत्री अपने घर की साफ-सफाई कर रही थी। इसी दौरान उनके गांव के एक युवक ने उनकी पुत्री को जबरन कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब उन्हें अपनी पुत्री के गर्भवती होने की जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने बताया कि आरोपी ने उनकी पुत्री को घटना की जानकारी किसी को भी देने पर जान से मारने की धमकी दी और उससे शादी करने से भी इंकार कर दिया था। शुक्रवार को मामले में दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोषी युवक को सात वर्ष के कठोर कारावास और 16 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता प्रकाश सिंह भंडारी ने पैरवी की।