फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मलबे में लोगों की खोजबीन में लगी एसडीआरएफ की टीम

Sat, 02 Jul 2016 09:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
विज्ञापन
चमोली के घाट बाजार में खोज-बचाव कार्य करता एसडीआरएफ का जवान। यहां एक मकान में सोए दादा और पोता मकान गिरने से लापता चल रहे हैं। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
चमोली जनपद में शनिवार को भी जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। शुक्रवार को मलबे में दबे छह लोगों का अब तक भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घाट कस्बे के पुराने बाजार में एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीम घूनी गांव के रामचंद्र और उनके पोते योगेश्वर प्रसाद की खोजबीन में लगी रही।
विज्ञापन


जबकि जाखणी गांव में खोज-बचाव शुरू ही नहीं हो पाया है। जाखणी गांव में दो नेपाली मजदूर सहित चार लोग अब भी मलबे में दबे हैं। जनपद में शाम पांच बजे से रिमझिम बारिश भी शुरू हो गई है। इससे आपदा बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।

शुक्रवार को सुबह पांच बजे जाखणी गांव के जेठी गदेरे में बादल फटने से छानियां बह गई थी। शनिवार को पांच बजे 36 घंटे बाद भी जाखणी गांव में खोज-बचाव शुरू नहीं हो पाया है। वहीं, सबसे महत्वपूर्ण बदरीनाथ हाईवे, घाट-नंदप्रयाग और चमोली-ऊखीमठ सड़कों के अवरुद्ध होने से गोपेश्वर, घाट, पीपलकोटी, जोशीमठ और पोखरी क्षेत्रों में शनिवार को भी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति नहीं हो पाई।
विज्ञापन


जनपद में शाम पांच बजे से रिमझिम बारिश भी शुरू हो गई है। इससे आपदा बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। बदरीनाथ हाईवे को खोलने में भी बीआरओ को मुश्किलें आ रही हैं। जाखणी गांव में मलबे में दबी राजेश्वरी देवी और अब्बल सिंह के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घाट क्षेत्र के ग्रामीण लक्ष्मण सिंह राणा का कहना है कि प्रशासन की ओर से गांव में खोज-बचाव कार्य शुरू नहीं किया है।

ग्रामीण अरविंद और मनोज का कहना है कि बृहस्पतिवार को सुबह पांच बजे राजेश्वरी देवी और अब्बल सिंह अपनी छानियों में थे। कुमारतोली और जाखणी गांव में तहसीलदार सोहन सिंह रांगण के नेतृत्व में तहसील की टीम ने प्रभावितों को रसद बांटी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें