गौचर पहुंचे 107 लोगों की हुई स्क्रीनिंग
कर्णप्रयाग। पहाड़ से मैदानों में रोजगार की तलाश में गए सैकड़ों युवा इन दिनों पैदल ही घरों को लौट रहे हैं। घर आने के लिए उनको न तो वाहन मिल रहे हैं और न खाने के लिए होटल खुले हैं। स्थानीय अविनाश, अरुण और ललिता लखेड़ा आदि ने कहा कि बाहर से लौटने वाले लोगों की मदद करना चाहते हैं, लेकिन लॉकडाउन के दौरान घरों में रहने की बाध्यता के कारण मदद नहीं कर पा रहे हैं। शुक्रवार को भी युवाओं का दिल्ली, देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश आदि शहरों से लौटने का सिलसिला जारी रहा। सीएचसी कर्णप्रयाग के चिकित्सक डॉ. वीपी पुरोहित ने बताया कि गौचर में शुक्रवार को 107 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से किसी में भी कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले। फिर भी लोगों को होम क्वारंटीन में रहने को कहा गया है।
रुद्रप्रयाग से बिहारीगढ़ निकले पैदल
श्रीनगर। लॉकडाउन के दौरान जगह-जगह फंसे मजदूरों और लोगों का पैदल घर लौटना जारी है। हालांकि पुलिस ट्रकों में बैठाकर उनको गंतव्य तक रवाना कर रही है। रुद्रप्रयाग के रतूड़ा से लौट रहे राशिद ने बताया कि वह सड़क निर्माण कार्य के लिए आए थे। काम बंद हो गया। सामान खरीदने के लिए रुपये भी नहीं हैं। ऐसे में वह पैदल ही अपने गांव बिहारीगढ़ की ओर चल दिए।