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जंगल की आग से स्कूल भवन राख

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गैरसैंण के प्राथमिक विद्यालय सेठूझूमाखेत का भवन जल कर यूं हुआ खाक। - फोटो : KARNPRYAG
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कुशरानी मल्ली ग्राम पंचायत के जंगल में भड़की आग से प्राथमिक विद्यालय सेठूझूमाखेत का भवन जल गया। ग्रामीणों ने आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन काफी देर तक आग पर काबू नहीं पा सके। हालांकि ग्रामीणों ने स्कूल के दस्तावेजों वाले कमरे का दरवाजा तोड़कर सारे कागजात बाहर फेंककर उन्हें जलने से बचा लिया।
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कुशरानी मल्ली गांव से करीब दो सौ मीटर जंगल की तरफ प्राथमिक विद्यालय सेठूझूमाखेत का भवन है। कुछ दिन पूर्व कुशरानी के जंगल में आग लगी थी, जिसे वन विभाग की टीम ने बुझा लिया था। लेकिन शनिवार रात को अचानक जंगल में दोबारा आग भड़क गई, जिससे जंगल से लगे स्कूल भवन ने आग पकड़ ली। स्कूल भवन की ओर बढ़ती आग की लपटों को देखकर ग्रामीण मौके पर बुझाने के लिए पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भवन के दो कमरे और आधा बरामदा जल चुका था। हालांकि ग्रामीणों ने स्कूल के दस्तावेज वाले कमरे के दरवाजा तोड़कर सभी कागजात बाहर फेंक दिए थे, जिससे कागजात जलने से बच गए।
रविवार की सुबह ग्रामीण व जिपंस अवतार पुंडीर, प्रधान आशा मढवाल, क्षेपंस गौतम बिष्ट, प्रधानाध्यापक प्रताप बिष्ट, वन दरोगा एमएस बिष्ट व सतीश चंद्र, पटवारी संदीप बिष्ट आदि घटना स्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जिपंस अवतार पुंडीर ने बताया कि वन विभाग व राजस्व और शिक्षा विभाग के कर्मियों व जन प्रतिनिधियों ने स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट शासन प्रशासन को भेज दी है। सरकार से शीघ्र भवन निर्माण की गुहार लगाई गई है।
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ग्राम प्रधान आशा मढवाल ने कहा कि ग्रामीणों के अथक प्रयासों से ही आग पर नियंत्रण पाया गया है। जंगल में लगी आग से ही विद्यालय भवन जलने की संभावना लग रही है, लेकिन आग कैसे लगी यह जांच का विषय है। विद्यालय का रिकॉर्ड रूम सुरक्षित बच गया है। शेष भवन पूरी तरह नष्ट हो गया है।
- रविवार सुबह ग्रामीणों ने उनको जंगल में आग लगने की सूचना दी। आग शनिवार रात को करीब आठ बजे बाद किसी अज्ञात ने लगाई। आग सिविल जंगल और नाप जमीन में लगी है। स्कूूल भवन नाप जमीन में बना है। इसलिए मामला राजस्व विभाग की जांच का बनता है। रिजर्व फारेस्ट को आग से बचा लिया गया है। - प्रदीप गौड़, रेंजर, वन विभाग
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