पांचवां राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष इंदु कुमार पांडे ने जिला पंचायत सभागार में त्रिस्तरीय पंचायतों, नगर निकायों के प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की स्थानीय परिस्थितियां और जरूरतों के अनुसार योजनाएं बनेंगी। पंचायत और निकाय प्रतिनिधि अपने सुझाव और प्रत्यावेदन वित्त आयोग को पत्राचार व ई-मेल पर भी भेज सकते हैं।
बैठक में पांचवां राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष इंदु कुमार पांडे ने समस्याओं और मौजूदा व्यवस्थाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पंचायतों और निकायों के जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता से सीधे जुड़े होते हैं। वह समस्याओं को भी अच्छी तरह समझते हैं। इनके दृष्टिकोण, जरूरत, सुझाव और समस्याओं के आधार पर आयोग राज्य सरकार को संस्तुति देगा। इस दौरान जोशीमठ के ब्लॉक प्रमुख हरीश परमार ने प्रमुखों के अधिकार बढ़ाने के साथ ही वाहन व अन्य सुविधाएं देने, जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी व सदस्यों ने जिला पंचायत को नवाचारी कार्यों के लिए विशेष अधिकार देने, राज्य वित्त आयोग की धनराशि को दोगुना करने, 15वां वित्त से कटौती समाप्त करने, सदस्यों को मानदेय व पेंशन देने सहित अन्य सुझाव दिए। बैठक में अपर सचिव (वित्त एवं सदस्य सचिव) भूपेश चंद्र तिवारी, वरिष्ठ शोध अधिकारी अमित वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे, नंदप्रयाग की नगर पंचायत अध्यक्ष डा. हिमानी वैष्णव के साथ ही पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।