मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि जंगली जानवरों से खेती को बचाने के लिए सरकार ने काम शुरू कर दिया है। इसके लिए पहले चरण में प्रदेश में एक करोड़ की लागत से सूअररोधी दीवारों का निर्माण किया जा रहा है। गांवों में सामूहिक खेती करने पर एक लाख सरकार की ओर से देने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए स्वीकृत विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया।
शुक्रवार को राजकीय इंटर कालेज मैदान में शुरू हुए चार दिवसीय कृषि, उद्यान एवं पर्यटन विकास मेले का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी अरहर और चने की दाल 200 रुपये किलो दे रही है, लेकिन प्रदेश सरकार ने पहाड़ की गहत, तोर और अन्य दालों को 150 रुपये में उपलब्ध कराया है।
उन्होंने कहा कि गैरसैंण को राजधानी के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। विधानसभा उपाध्यक्ष डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने भी विचार रखे। इस अवसर पर महाधिवक्ता उत्तराखंड सरकार विजय बहादुर सिंह नेगी, चाय विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष भुवन नौटियाल, गौचर नगर पंचायत अध्यक्ष मुकेश नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष लखपत बुटोला, कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रावत, सीएम के सलाहकार पृथ्वीपाल सिंह चौहान राजेंद्र सगोई, सुरेंद्र सिंह, सुरेश कुमार बिष्ट और गंगा सिंह पंवार आदि मौजूद थे। संचालन बदरी प्रसाद काला ने किया।
इन योजनाओं का हुआ शिलान्यास
- रिखौली-नैल-जागडी़-सैरा मोटर मार्ग 2 करोड़ 43 लाख
- खेती-रंडोली मोटर मार्ग 33.60 लाख
इन योजनाओं का हुआ लोकार्पण
- दिवालीखाल-भराडीसैण मोटर मार्ग का सुधारीकरण- 202.19 लाख
- मेहलचौरी-बछुवाबाण-देवपुरी तक हॉटमिक्स कार्य- 805.68 लाख