गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने के लिए प्रदर्शन करने वाले आंदोलनकारियों ने पुरसाड़ी जेल में भी आंदोलन जारी रखा है। बृहस्पतिवार को कई आंदोलनकारियों ने खाना न खाकर गांधीवादी तरीके से सत्याग्रह जारी रखा। पूर्व डिप्टी स्पीकर डा. अनसूया प्रसाद मैखुरी व कांग्रेसजनों ने जेल में आंदोलनकारियों से मुलाकात की।
दो साल पहले भराड़ीसैंण में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग के लिए प्रदर्शन करने वाले 35 आंदोलनकारियों को बुधवार को पुरसाड़ी जेल भेज दिया गया था। बृहस्पतिवार को कई आंदोलनकारियों ने सुबह से जेल की बैरक में ही गांधीवादी तरीके से सत्याग्रह शुरू किया और भोजन नहीं किया। पूर्व डिप्टी स्पीकर डा. अनसूया प्रसाद मैखुरी, पीसीसी सदस्य अनिल कठैत, पूर्व भेषज संघ अध्यक्ष अरविंद नेगी और दीवान सिंह ने जेल से लौटकर बताया कि कई आंदोलनकारियों ने खाना नहीं खाया। आंदोलनकारियों ने कहा कि सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। जेलर प्रमोद पांडे ने बताया कि आंदोलनकारियों में से लगभग 17 आंदोलनकारियों ने बृहस्पतिवार को खाना खाने से इंकार कर दिया। हालांकि उन्होंने पानी और कुछ बिस्कुट खाए।